घर में आग लगने पर बचाव योजना कैसे बनाएं
घर का नक्शा बनाकर दो निकास रास्ते चिह्नित करें और परिवार के सभी सदस्यों के साथ नियमित अभ्यास करें।
- घर का विस्तृत नक्शा बनाएं. कागज पर अपने घर के हर कमरे, दरवाजे, खिड़की और सीढ़ी का चित्र बनाएं। प्रत्येक कमरे में दो अलग निकास रास्ते दिखाएं - मुख्य दरवाजा और वैकल्पिक खिड़की या दूसरा दरवाजा। बालकनी, छत या पड़ोसी की छत तक पहुंचने के रास्ते भी शामिल करें।
- बाहरी मिलने का स्थान निर्धारित करें. घर से सुरक्षित दूरी पर एक स्पष्ट स्थान चुनें जैसे पड़ोसी का घर, पास का पार्क या मुख्य सड़क। यह स्थान सभी को याद रहे और आसानी से पहुंचा जा सके। इमरजेंसी में परिवार के सभी लोग यहीं इकट्ठा होंगे।
- धूम्रपान अलार्म लगवाएं. हर शयनकक्ष, रसोई और बैठक में धूम्रपान अलार्म लगवाएं। महीने में एक बार बैटरी चेक करें। यदि अपार्टमेंट में रहते हैं तो कॉरिडोर में भी अलार्म की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- आपातकालीन सामान तैयार रखें. एक बैग में जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, टॉर्च, सीटी और थोड़े पैसे रखें। यह बैग मुख्य दरवाजे के पास या आसानी से पहुंच वाली जगह रखें। छोटे बच्चों के लिए अलग से आपातकालीन किट बनाएं।
- फायर सर्विस का नंबर सेव करें. अपने मोबाइल में फायर ब्रिगेड (101), पुलिस (100) और एम्बुलेंस (108) के नंबर सेव करें। घर में दिखाई देने वाली जगह पर भी ये नंबर लिखकर चिपकाएं। आस-पास के अस्पताल का नंबर भी तैयार रखें।
- पूरे परिवार के साथ अभ्यास करें. महीने में कम से कम एक बार रात के समय अचानक से अभ्यास करें। हर व्यक्ति को दोनों रास्तों से निकलना आना चाहिए। समय नापें - 2 मिनट के अंदर सभी को घर से बाहर निकल जाना चाहिए। बच्चों को सिखाएं कि धुआं नीचे कम होता है इसलिए झुककर चलना चाहिए।
- विशेष परिस्थितियों की योजना बनाएं. यदि घर में बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति है तो उनके लिए अलग योजना बनाएं। पहली मंजिल या ऊपर रहने वालों को रस्सी की सीढ़ी का इंतजाम करना चाहिए। पालतू जानवरों के लिए भी अलग व्यवस्था सोचें।