पाला पड़ने से पहले बगीचे की तैयारी कैसे करें
पहली बर्फबारी से पहले पौधों को ढकना, पानी की व्यवस्था बंद करना, और नाजुक पेड़-पौधों को घर के अंदर लाना जरूरी होता है।
- मौसम की निगरानी करें. स्थानीय मौसम विभाग की जानकारी देखकर पाले की तारीख का अंदाजा लगाएं। आमतौर पर जब रात का तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तो समझ जाएं कि पाला पड़ सकता है। अपने इलाके के पुराने बागवानों से भी सलाह लें कि आमतौर पर कब पाला पड़ता है।
- संवेदनशील पौधों को पहचानें. टमाटर, मिर्च, बैंगन, गेंदा, गुलाब के नए पौधे, और सभी छोटे पेड़-पौधे पाले से जल्दी प्रभावित होते हैं। इन सभी की एक सूची बना लें और पहले इन्हीं की सुरक्षा करें। मोटे तने वाले पुराने पेड़ और देसी किस्म के पौधे आमतौर पर ज्यादा मजबूत होते हैं।
- गमलों को सुरक्षित करें. छोटे गमलों को घर के अंदर, बरामदे में या किसी ढके हुए स्थान पर रख दें। बड़े गमलों को दीवार के पास या किसी आड़ में ले जाएं। गमलों के नीचे लकड़ी के तख्ते या पुराने कपड़े बिछा दें ताकि जमीन की ठंडक सीधे गमलों में न जाए।
- पौधों को ढकने की व्यवस्था करें. पुराने कपड़े, बोरियां, प्लास्टिक शीट या अखबार से पौधों को ढक दें। ध्यान रखें कि ढकने वाला कपड़ा पत्तियों को छू न रहा हो। लकड़ी के डंडे गाड़कर तंबू जैसी आकृति बनाएं और फिर कपड़ा डालें। सुबह धूप निकलने पर इन्हें हटा देना जरूरी है।
- पानी की व्यवस्था बंद करें. बाहरी नलों के मुख्य वाल्व बंद कर दें और पाइपों का पानी निकाल दें। स्प्रिंकलर सिस्टम को पूरी तरह खाली करें। पानी की टंकियों को भी खाली करना या उन्हें ढकना जरूरी है। बर्तनों में जमा पानी भी निकाल दें क्योंकि जमने से ये फट सकते हैं।
- मिट्टी की देखभाल करें. पौधों की जड़ों के आसपास सूखे पत्ते, भूसा या गोबर की खाद डाल दें। यह प्राकृतिक कंबल का काम करता है। दिन में अगर धूप हो तो पौधों को हल्का पानी दें लेकिन शाम को बिल्कुल पानी न दें। गीली मिट्टी जल्दी जम जाती है।
- बगीचे की सफाई करें. सूखे पत्ते और टूटी शाखाओं को हटा दें। ये पाले में और भी नुकसान कर सकते हैं। हरी सब्जियों की तुड़ाई कर लें जो खाने योग्य हैं। बीजों को सुरक्षित जगह रख दें। बगीचे में बिखरे औजार भी अंदर रख लें।