अपने कमरे के लिए सही साइड टेबल कैसे चुनें

साइड टेबल का चुनाव करते समय बिस्तर की ऊंचाई, कमरे का आकार, स्टोरेज की जरूरत और आपकी डिकोरेशन स्टाइल को ध्यान में रखना जरूरी है।

  1. बिस्तर की ऊंचाई नापें. सबसे पहले अपने बिस्तर के गद्दे की ऊंचाई नापें। साइड टेबल का टॉप बिस्तर के गद्दे के बराबर या 2-3 इंच नीचे होना चाहिए। इससे आप आराम से बैठे-बैठे या लेटे-लेटे टेबल पर रखी चीजों तक पहुंच सकेंगे।
  2. कमरे की जगह का आंकलन करें. बिस्तर के दोनों तरफ कम से कम 24 इंच की जगह छोड़ें। अगर कमरा छोटा है तो पतली या कॉर्नर टेबल चुनें। बड़े कमरे में चौड़ी टेबल भी रख सकते हैं। दीवार से कम से कम 6 इंच की दूरी रखें ताकि दराज आसानी से खुल सकें।
  3. स्टोरेज की जरूरत तय करें. सोचें कि आपको क्या-क्या रखना है - किताबें, चार्जर, दवाइयां, या पानी की बोतल। अगर ज्यादा सामान रखना है तो दराज या शेल्फ वाली टेबल लें। कम सामान के लिए सिंपल फ्लैट टॉप टेबल भी चल जाएगी।
  4. घर की डिकोरेशन से मैच करें. अपने बेडरूम के फर्नीचर और रंग स्कीम के हिसाब से टेबल चुनें। लकड़ी के बिस्तर के साथ लकड़ी की टेबल, या कंट्रास्ट के लिए मेटल या ग्लास की टेबल ले सकते हैं। मॉडर्न रूम में स्लीक डिजाइन और ट्रेडिशनल रूम में क्लासिक स्टाइल चुनें।
  5. मैटेरियल और बजट पर विचार करें. लकड़ी की टेबल टिकाऊ होती हैं लेकिन महंगी भी। एमडीएफ या प्लाईवुड वाली किफायती विकल्प हैं। मेटल की टेबल मजबूत होती हैं और साफ करना आसान होता है। ग्लास की टेबल छोटे कमरे को बड़ा दिखाती हैं।
  6. प्रैक्टिकल फीचर्स चेक करें. USB चार्जिंग पोर्ट, बिल्ट-इन लाइट, या वायरलेस चार्जिंग पैड जैसे मॉडर्न फीचर्स देखें। सॉफ्ट क्लोज दराज और रगड़ न लगने वाली बॉटम पैडिंग भी उपयोगी होती है। अगर छोटे बच्चे हैं तो गोल कोनों वाली टेबल सेफ होगी।