बच्चों के कमरे को कैसे सजाएं जो उनके साथ बड़े
न्यूट्रल रंगों का बेस बनाएं और एक्सेसरीज़ से पर्सनालिटी दें। फर्नीचर ऐसा चुनें जो बढ़ती उम्र के साथ काम आए।
- दीवारों के लिए न्यूट्रल बेस रंग चुनें. दीवारों पर सफेद, क्रीम, या हल्के ग्रे जैसे टाइमलेस रंग लगाएं। ये रंग किसी भी उम्र में अच्छे लगते हैं और बाद में डेकोरेशन बदलना आसान हो जाता है। अगर रंग चाहिए तो एक एक्सेंट वॉल बना सकते हैं जिसे आसानी से रिपेंट किया जा सके।
- एडजस्टेबल फर्नीचर का चुनाव करें. ऐसा बेड लें जिसकी हाइट बढ़ाई जा सके या डेबेड से सिंगल बेड में कन्वर्ट हो सके। टेबल और चेयर भी एडजस्टेबल हाइट वाली लें। मॉड्यूलर शेल्विंग सिस्टम लगाएं जिसमें शेल्व्स की हाइट और अरेंजमेंट बदला जा सके।
- स्टोरेज को प्राथमिकता दें. बेड के नीचे ड्रॉअर या स्टोरेज बॉक्स रखें। दीवार पर हुक्स लगाएं जो खिलौनों से लेकर स्कूल बैग तक सब कुछ हैंग कर सकें। ओपन शेल्व्स बनाएं जहां छोटी उम्र में खिलौने और बाद में किताबें रख सकते हैं।
- रिमूवेबल डेकोर एलिमेंट्स का इस्तेमाल करें. वॉल स्टिकर्स का इस्तेमाल करें पेंट के बजाय। बेडशीट, कर्टन और कुशन कवर से रंग और थीम बदलें। पोस्टर फ्रेम्स लगाएं जिनमें आर्टवर्क आसानी से बदला जा सके। रग्स भी बदलते रहने से नया लुक मिलता है।
- फंक्शनल जोन्स बनाएं. कमरे को अलग-अलग एरिया में बांटें - सोने का एरिया, पढ़ने का कॉर्नर, और खेलने की जगह। हर जोन के लिए अलग लाइटिंग अरेंज करें। पढ़ने के कॉर्नर में कम्फर्टेबल चेयर या बीन बैग रखें जो बड़े होने पर स्टडी चेयर बन सके।
- ग्रोथ चार्ट और मेमोरी वॉल बनाएं. एक दीवार पर लकड़ी का ग्रोथ रूलर लगाएं जो परमानेंट फीचर बने। दूसरी तरफ कॉर्क बोर्ड या मैग्नेटिक बोर्ड लगाएं जहां बच्चे की आर्ट, फोटो और अचीवमेंट्स डिस्प्ले कर सकें। ये बोर्ड बड़े होने पर नोटिस बोर्ड का काम करेगा।