कमरे में गहराई के लिए रोशनी की परतें कैसे बनाएं

किसी भी कमरे में अच्छी रोशनी के लिए तीन तरह की लाइटिंग का इस्तेमाल करें - मुख्य रोशनी (सीलिंग लाइट), काम की रोशनी (टेबल लैंप) और माहौल की रोशनी (डेकोरेटिव लाइट्स)।

  1. पहले मुख्य रोशनी की व्यवस्था करें. कमरे के बीच में सीलिंग फैन या चांदनी लगाएं जो पूरे कमरे को समान रूप से रोशन करे। यह आपकी बेसिक लाइटिंग होगी जो रोज के काम के लिए जरूरी है। अगर कमरा बड़ा है तो एक से ज्यादा मुख्य लाइट लगा सकते हैं।
  2. काम की रोशनी जोड़ें. पढ़ने, खाना बनाने या दूसरे खास कामों के लिए टेबल लैंप, फ्लोर लैंप या अंडर-कैबिनेट लाइट लगाएं। इन्हें उन जगहों पर रखें जहां आप ज्यादा फोकस वाले काम करते हैं। पढ़ने की टेबल पर, रसोई के काउंटर पर या ड्रेसिंग टेबल पर ऐसी लाइट्स जरूरी हैं।
  3. माहौल बनाने वाली रोशनी लगाएं. कमरे में गर्माहट और खूबसूरती लाने के लिए डिमर वाली लाइट्स, कैंडल्स, स्ट्रिंग लाइट्स या वॉल स्कॉन्सेस का इस्तेमाल करें। ये लाइट्स कोनों में, दीवार पर या फर्नीचर के पीछे लगाई जा सकती हैं। इनसे कमरे में छाया और रोशनी का खूबसूरत खेल बनता है।
  4. सभी लाइट्स को संतुलित करें. अलग-अलग लाइट्स को अलग-अलग स्विच से कंट्रोल करें ताकि जरूरत के हिसाब से उन्हें चला सकें। दिन में तेज रोशनी, शाम को मध्यम और रात में हल्की रोशनी का इस्तेमाल करें। सभी लाइट्स एक साथ न जलाएं बल्कि कॉम्बिनेशन बनाकर इस्तेमाल करें।
  5. रोशनी की दिशा सेट करें. लाइट्स को इस तरह लगाएं कि वे ऊपर, नीचे और बगल में रोशनी फैलाएं। कुछ लाइट्स दीवार पर रोशनी डालें, कुछ छत पर और कुछ फर्श पर। इससे कमरे में गहराई का एहसास होगा और फ्लैट लुक नहीं आएगा। मिरर के सामने या आर्ट पीस पर फोकस लाइट लगाना भी अच्छा आईडिया है।