खिड़कियों पर कई परतों में पर्दे लगाने की पूरी गाइड - स्टाइल और सुविधा के लिए

खिड़कियों पर अलग-अलग प्रकार के पर्दे परतों में लगाकर आप न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि रोशनी नियंत्रण, प्राइवेसी और तापमान नियंत्रण भी बेहतर करते हैं।

  1. सबसे पहले बेसिक रॉड्स और ब्रैकेट्स लगाएं. खिड़की के फ्रेम से 4-6 इंच ऊपर और दोनों तरफ 3-4 इंच बाहर निकालकर मुख्य कर्टन रॉड लगाएं। इसके अंदरूनी हिस्से में एक और छोटी रॉड या वायर फिट करें जिस पर आप पतले पर्दे या शीयर कर्टन लगा सकें। दीवार में ड्रिल करने से पहले स्टड फाइंडर से पक्का कर लें कि आप सही जगह पर ब्रैकेट लगा रहे हैं।
  2. पहली परत - शीयर या पतले पर्दे लगाएं. सबसे अंदरूनी रॉड पर हल्के, पारदर्शी पर्दे लगाएं जैसे शीयर फैब्रिक या लेस के पर्दे। ये दिन में प्राइवेसी देते हैं और कठोर धूप को मुलायम बनाते हैं। इन पर्दों की लंबाई फर्श तक या विंडो सिल तक हो सकती है। सफेद, क्रीम या हल्के रंग के शीयर पर्दे सबसे अच्छे होते हैं।
  3. दूसरी परत - मुख्य कर्टन या ड्रेप्स लगाएं. बाहरी रॉड पर मोटे, सुंदर कर्टन लगाएं जो आपके कमरे की सजावट से मैच करें। ये ब्लैकआउट कर्टन हो सकते हैं या डेकोरेटिव फैब्रिक के। लंबाई हमेशा फर्श को छूती हुई रखें। डार्क कलर के कर्टन बेहतर प्राइवेसी और लाइट कंट्रोल देते हैं। कर्टन का चुनाव करते समय कमरे के रंग स्कीम को ध्यान में रखें।
  4. तीसरी परत - वैलेंस या कॉर्निस बोर्ड लगाएं. सबसे ऊपर डेकोरेटिव वैलेंस या कॉर्निस बोर्ड लगाएं। यह रॉड्स को छुपाता है और पूरे सेटअप को फिनिश्ड लुक देता है। वैलेंस कर्टन के कपड़े से मैचिंग हो या कंट्रास्टिंग रंग में हो सकती है। कॉर्निस बोर्ड लकड़ी का बना हुआ बॉक्स होता है जो अधिक फॉर्मल लुक देता है।
  5. साइड में टाईबैक्स या होल्डबैक्स लगाएं. दीवार पर कर्टन होल्डर्स लगाएं जिनकी मदद से आप दिन में पर्दों को साइड में बांधकर रख सकें। ये मेटल के हुक्स हो सकते हैं या फैब्रिक के टाईबैक्स। होल्डबैक्स की ऊंचाई खिड़की की कुल ऊंचाई के दो तिहाई हिस्से पर रखें। इससे खिड़की का शेप अच्छा दिखता है और ज्यादा रोशनी अंदर आती है।
  6. ब्लाइंड्स या शेड्स की चौथी परत जोड़ें. अगर आपको पूरा प्राइवेसी कंट्रोल चाहिए तो खिड़की के फ्रेम के अंदर हॉरिजॉन्टल ब्लाइंड्स या रोलर शेड्स लगाएं। वुड ब्लाइंड्स या फॉक्स वुड ब्लाइंड्स अच्छे लगते हैं। रोलर शेड्स में भी कई ऑप्शन्स होते हैं जैसे ब्लैकआउट, लाइट फिल्टरिंग या सोलर शेड्स। ये सबसे अंदरूनी लेयर होनी चाहिए।
  7. फाइनल एडजस्टमेंट और स्टाइलिंग करें. सभी लेयर्स लगाने के बाद हर परत को अलग-अलग एडजस्ट करें। शीयर्स हमेशा खुले रख सकते हैं, मुख्य कर्टन्स को दिन में साइड में बांधें और रात में बंद करें। ब्लाइंड्स से रोशनी कंट्रोल करें। कर्टन्स की फोल्डिंग को सुंदर बनाएं और सभी लेयर्स के बीच संतुलन बनाकर रखें।