पौधे की गमला बदलने की सही विधि - बिना नुकसान पहुंचाए
पौधे का गमला बदलना आसान है अगर आप सही समय चुनें, जड़ों को धीरे से निकालें और उचित मिट्टी का इस्तेमाल करें।
- सही समय का चुनाव करें. पौधे का गमला बदलने का सबसे अच्छा समय बसंत और गर्मियों की शुरुआत है। इस दौरान पौधे तेजी से बढ़ते हैं। अगर गमले से जड़ें बाहर निकल रही हों, पानी तुरंत सूख जाता हो या पौधे की बढ़वार रुक गई हो तो यह संकेत है कि अब गमला बदलना चाहिए।
- नया गमला तैयार करें. पुराने गमले से 2-3 इंच बड़ा गमला चुनें। गमले के नीचे निकासी के छेद होना जरूरी है। गमले को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। नीचे कुछ कंकड़ या टूटे मिट्टी के टुकड़े डालकर ड्रेनेज लेयर बनाएं।
- पौधे को धीरे से निकालें. पौधे को पानी देने से एक दिन पहले रोक दें ताकि मिट्टी थोड़ी सूखी हो। गमले को उल्टा करके हाथ की हथेली पर रखें और धीरे से हिलाएं। अगर पौधा नहीं निकल रहा तो गमले की दीवारों को हल्के से दबाएं। जड़ों को कभी भी खींचकर न निकालें।
- जड़ों की जांच करें. पुरानी मिट्टी को हल्के से झाड़कर अलग करें। जड़ों को ध्यान से देखें - अगर वे गोल-गोल चक्कर लगा रही हों तो उन्हें धीरे से सुलझाएं। सड़ी या काली जड़ों को साफ कैंची से काट दें। स्वस्थ जड़ें सफेद या हल्की भूरी होती हैं।
- नई मिट्टी में लगाएं. नए गमले में थोड़ी मिट्टी डालकर पौधे को बीच में रखें। पौधे का तना उतनी ही गहराई में होना चाहिए जितना पहले था। चारों तरफ से मिट्टी भरते जाएं और हल्के से दबाते जाएं। ऊपर से 1-2 इंच जगह छोड़ें ताकि पानी देने में आसानी हो।
- पहली देखभाल करें. गमला बदलने के तुरंत बाद हल्का पानी दें - बस इतना कि मिट्टी नम हो जाए। पौधे को छायादार जगह पर रखें और एक हफ्ते तक धूप से बचाएं। खाद या उर्वरक कम से कम 2-3 हफ्ते तक न दें क्योंकि जड़ों को पहले नई जगह में स्थापित होने दें।