अपने घर के बगीचे में जंगली फूलों का घास का मैदान कैसे बनाएं
जंगली फूलों का मैदान बनाने के लिए पहले घास हटाएं, मिट्टी तैयार करें, फिर स्थानीय जंगली फूलों के बीज बोएं और नियमित पानी दें।
- उपयुक्त स्थान चुनें. अपने घर में ऐसी जगह चुनें जहां दिन में कम से कम 6 घंटे धूप आती हो। यह जगह समतल या हल्की ढलान वाली होनी चाहिए ताकि पानी ज्यादा न रुके। कम से कम 10 वर्ग फुट का क्षेत्र चुनें ताकि फूल अच्छे से फैल सकें।
- मौजूदा घास और खरपतवार साफ करें. चुनी गई जगह से सारी घास, खरपतवार और अन्य पौधे हटा दें। आप कुदाल का उपयोग करके जड़ों सहित सब कुछ निकाल सकते हैं। यदि क्षेत्र बड़ा है तो रोटावेटर का उपयोग करें। घास के टुकड़ों को पूरी तरह साफ कर दें क्योंकि वे दोबारा उग सकते हैं।
- मिट्टी की जांच और तैयारी करें. मिट्टी को 6-8 इंच गहराई तक खोदकर भुरभुरा बनाएं। यदि मिट्टी बहुत सख्त है तो उसमें कंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाएं। रेतीली या दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। पानी के निकास की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए ताकि जड़ें सड़ न जाएं।
- स्थानीय जंगली फूलों के बीज चुनें. अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल जंगली फूलों के बीज खरीदें। गेंदा, सूरजमुखी, कॉसमॉस, जीनिया, और बालसम जैसे फूल भारतीय जलवायु में अच्छे उगते हैं। बीज पैकेट पर लिखे निर्देशों को पढ़ें और मिश्रण तैयार करें।
- बीज बोएं. तैयार मिट्टी पर बीजों को समान रूप से छिड़कें। बीजों को हल्की मिट्टी से ढक दें, ज्यादा गहराई में न दबाएं। छोटे बीजों को सिर्फ मिट्टी की सतह पर दबाएं। बुवाई के बाद हल्के से पानी का छिड़काव करें ताकि मिट्टी नम हो जाए।
- नियमित देखभाल करें. शुरुआत के 2-3 हफ्ते तक रोज हल्का पानी दें। मिट्टी हमेशा नम रहनी चाहिए लेकिन पानी भरा नहीं होना चाहिए। बीज अंकुरित होने के बाद पानी कम करें। खरपतवार निकालते रहें लेकिन सावधानी से ताकि फूलों के पौधे न उखड़ें।
- फूलों की कटाई और रखरखाव. फूल खिलने के बाद मुरझाए हुए फूलों को काटते रहें ताकि नए फूल आते रहें। मौसम के अंत में कुछ फूलों को बीज बनने दें ताकि अगले साल अपने आप नए पौधे उग आएं। सर्दियों में पौधों को कम पानी दें।