सेम की बेल को सहारे पर उगाना - बगीचे में जालीदार ढांचा लगाकर फसल करने की विधि

सेम की बेल को जालीदार ढांचे या सहारे पर उगाने के लिए पहले मजबूत बांस या लकड़ी का फ्रेम बनाएं, फिर बीज बोकर पौधों को सहारे से बांधते जाएं।

  1. उपयुक्त स्थान और मिट्टी की तैयारी. धूप में 6-8 घंटे रोशनी पाने वाली जगह चुनें। मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर भुरभुरा बनाएं। जमीन की जुताई करके पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें ताकि जड़ों में सड़न न हो।
  2. सहारे का ढांचा तैयार करना. 6-8 फीट लंबे बांस या लकड़ी के खंभे जमीन में 1.5-2 फीट गहराई में गाड़ें। इन्हें आपस में रस्सी या तार से जोड़कर जाली बनाएं। खंभों के बीच 6 इंच की दूरी पर क्षैतिज सहारे लगाएं ताकि बेल आसानी से चढ़ सके।
  3. बीज बुवाई और रोपाई. सेम के बीज को ढांचे के आधार पर 4-6 इंच की दूरी पर बोएं। बीजों को 1-2 इंच गहराई में दबाकर हल्की मिट्टी से ढकें। बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें लेकिन पानी जमा न होने दें।
  4. पौधों को सहारे से बांधना. जब पौधे 6-8 इंच के हो जाएं तो मुलायम कपड़े या प्लास्टिक की रस्सी से धीरे-धीरे सहारे से बांधें। तने को कसकर न बांधें, थोड़ा ढीला रखें ताकि पौधे का विकास रुके नहीं। हर 15 दिन में सहारे की जांच करते रहें।
  5. नियमित देखभाल और सिंचाई. मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हर दूसरे दिन सिंचाई करें। फूल आने के समय पानी कम न दें। सूखी पत्तियों और रोगग्रस्त हिस्सों को नियमित रूप से हटाते रहें। महीने में एक बार जैविक उर्वरक का छिड़काव करें।
  6. कटाई और संग्रह. फूल आने के 15-20 दिन बाद कच्ची फलियां तोड़ने के लिए तैयार हो जाती हैं। नरम और हरी फलियों को तोड़ें जब वे 4-5 इंच लंबी हो जाएं। नियमित तुड़ाई करने से पौधे में नई फलियां आती रहती हैं।