डहलिया के फूल कैसे उगाएं - संपूर्ण गाइड
डहलिया के फूल उगाने के लिए धूप वाली जगह चुनें, अप्रैल-मई में कंद रोपें, और नियमित पानी व खाद देते रहें।
- जगह का चुनाव करें. डहलिया के लिए ऐसी जगह चुनें जहां दिन में कम से कम 6-8 घंटे धूप आती हो। मिट्टी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए। यदि आपके यहां बारिश में पानी भरता है तो उस जगह को न चुनें।
- मिट्टी तैयार करें. मिट्टी को 12-15 इंच गहराई तक खोदें। इसमें गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाएं। मिट्टी का pH 6.5 से 7.0 के बीच होना चाहिए। भारी चिकनी मिट्टी हो तो रेत मिलाकर इसे हल्का करें।
- कंद रोपें. अप्रैल से मई तक का समय डहलिया के कंद रोपने के लिए सबसे अच्छा है। कंद को 4-6 इंच गहराई पर रोपें। आंख वाला हिस्सा ऊपर की ओर रखें। दो कंदों के बीच 2-3 फीट का फासला रखें।
- पानी देने की व्यवस्था करें. शुरुआत में हल्का पानी दें। जब अंकुर निकल आएं तब नियमित पानी दें। मिट्टी हमेशा नम रखें लेकिन भीगी हुई नहीं। सुबह के समय पानी देना सबसे अच्छा है।
- सहारा दें. जब पौधा 1-2 फीट का हो जाए तो इसे बांस की खपच्ची या लकड़ी के डंडे का सहारा दें। डहलिया के तने मुलायम होते हैं और हवा से टूट सकते हैं। धागे से ढीला बांधें ताकि तना दब न जाए।
- खाद-पानी की देखभाल. महीने में एक बार NPK खाद दें। फूल आने से पहले फास्फोरस वाली खाद ज्यादा दें। पत्तियों पर छिड़काव न करें, हमेशा जड़ों के पास पानी दें। मल्चिंग करके मिट्टी में नमी बनाए रखें।
- फूलों की देखभाल. मुरझाए हुए फूलों को तुरंत काट दें ताकि नए फूल आते रहें। अच्छे फूल पाने के लिए साइड की कलियों को हटा दें और मुख्य कली को बढ़ने दें। फूल सुबह के समय काटें।
- सर्दी में सुरक्षा. सर्दी आने से पहले कंदों को जमीन से निकाल लें। इन्हें धूप में सुखाकर रेत या सूखी मिट्टी में रखें। ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें। अगली गर्मी में दोबारा रोप सकते हैं।