कटिंग से रोज़मैरी उगाने का आसान तरीका
रोज़मैरी की ताज़ी कटिंग को पानी या मिट्टी में लगाकर 2-3 हफ्ते में जड़ें निकाली जा सकती हैं। सही देखभाल के साथ यह 6-8 हफ्ते में रोपने के लिए तैयार हो जाती है।
- स्वस्थ कटिंग का चुनाव. किसी स्वस्थ रोज़मैरी के पौधे से 4-6 इंच लंबी ताज़ी शाखा काटें। कटिंग सुबह के समय लें जब पौधे में नमी अधिक होती है। पुराने या फूल वाले तने न चुनें, बल्कि नए हरे तने का इस्तेमाल करें। कैंची या तेज़ चाकू को अल्कोहल से साफ करके ही काटें।
- कटिंग की तैयारी. कटिंग के निचले हिस्से से 2 इंच तक के सभी पत्ते हटा दें। ऊपर के 4-5 पत्ते छोड़ दें। निचले सिरे को तिरछा काटें ताकि जड़ों के लिए अधिक जगह मिले। यदि चाहें तो कटे हिस्से पर रूटिंग हार्मोन लगा सकते हैं, लेकिन रोज़मैरी आसानी से बिना इसके भी जड़ें निकाल देती है।
- पानी में जड़ निकालना. एक साफ गिलास में इतना पानी भरें कि कटिंग का निचला हिस्सा डूब जाए। गिलास को किसी ऐसी जगह रखें जहां तेज़ रोशनी हो लेकिन सीधी धूप न पड़े। हर 2-3 दिन में पानी बदलें। 10-15 दिन में छोटी सफेद जड़ें दिखने लगेंगी। जब जड़ें 1-2 इंच लंबी हो जाएं तब मिट्टी में लगाएं।
- मिट्टी में लगाना. अच्छी निकासी वाली मिट्टी तैयार करें। बराबर मात्रा में बगीचे की मिट्टी, रेत और कम्पोस्ट मिलाएं। छोटे गमले में मिट्टी भरकर बीच में छेद करें। कटिंग को सावधानी से लगाएं और मिट्टी को हल्का दबाएं। तुरंत पानी दें लेकिन अधिक न करें।
- देखभाल और पानी. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिले और दोपहर में छांव हो। मिट्टी को हमेशा नम रखें लेकिन भीगी न छोड़ें। पहले 2 हफ्ते तक रोज़ाना हल्का पानी दें। नई पत्तियां दिखने पर समझें कि पौधा जड़ पकड़ चुका है। इस समय खाद की जरूरत नहीं होती।
- स्थायी स्थान पर रोपना. 6-8 हफ्ते बाद जब पौधा अच्छी तरह जड़ पकड़ ले तब बड़े गमले या बगीचे में लगाएं। रोज़मैरी को धूप वाली जगह पसंद है। मिट्टी में अच्छी निकासी होनी चाहिए। पौधे के बीच 2-3 फुट की दूरी रखें। पहले महीने में नियमित पानी दें, बाद में यह सूखा सहन करती है।