छोटे बगीचे में तोरी (जुकिनी) कैसे उगाएं
छोटे बगीचे में तोरी उगाने के लिए कंटेनर गार्डनिंग का उपयोग करें और बुश वेराइटी चुनें। एक बड़े गमले में एक पौधा लगाएं और नियमित पानी दें।
- सही किस्म का चुनाव करें. छोटे बगीचे के लिए बुश टाइप की तोरी की किस्में चुनें जैसे कि 'पेटीपैन' या 'राउंड जुकिनी'। ये किस्में कम जगह लेती हैं और अच्छी पैदावार देती हैं। बेल वाली किस्मों से बचें क्योंकि वे ज्यादा फैलती हैं।
- कंटेनर तैयार करें. कम से कम 20 लीटर क्षमता वाला गमला या कंटेनर चुनें। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होने चाहिए। गमले के नीचे बजरी या पत्थर की परत बिछाएं जिससे पानी की निकासी अच्छी हो।
- मिट्टी का मिश्रण बनाएं. अच्छी गुणवत्ता की पॉटिंग मिट्टी में खाद और वर्मी कंपोस्ट मिलाएं। मिट्टी का पीएच 6.0 से 7.0 के बीच होना चाहिए। मिट्टी हल्की और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए।
- बीज रोपना. मार्च-अप्रैल या जुलाई-अगस्त में बीज बोएं। गमले के केंद्र में 2-3 सेमी गहराई में 2-3 बीज रोपें। बीजों के बीच 5 सेमी की दूरी रखें। बीज रोपने के बाद हल्के हाथ से पानी दें।
- सही स्थान चुनें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिन में कम से कम 6-8 घंटे धूप मिले। बालकनी, छत या दक्षिणी दिशा की खिड़की के पास सबसे अच्छी जगह है। तेज हवा से बचाव करें।
- नियमित सिंचाई करें. मिट्टी को हमेशा नम रखें लेकिन पानी भरा न होने दें। सुबह के समय जड़ों के पास पानी दें, पत्तियों पर पानी न डालें। गर्मियों में रोज पानी दें, सर्दियों में 2-3 दिन में एक बार।
- उर्वरक और देखभाल. महीने में दो बार तरल खाद दें। फूल आने के समय पोटाश युक्त खाद का उपयोग करें। पत्तियों को सहारा देने के लिए छोटी डंडी लगाएं। पीली पत्तियों को नियमित रूप से हटाते रहें।
- कटाई का सही समय. बुआई के 50-60 दिन बाद तोरी तैयार हो जाती है। जब फल 15-20 सेमी लंबा हो जाए तो तोड़ें। छोटी अवस्था में तोड़ने से स्वाद बेहतर होता है और नई फलियां आती रहती हैं।