घर में सब्जियों का बगीचा कैसे बनाएं - शुरू से अंत तक पूरी गाइड
सब्जियों का बगीचा बनाने के लिए धूप वाली जगह चुनें, मिट्टी तैयार करें, सही सब्जियां चुनकर बीज बोएं और नियमित पानी व देखभाल करें।
- उपयुक्त स्थान का चुनाव करें. घर में ऐसी जगह खोजें जहां दिन में कम से कम 6-8 घंटे धूप आती हो। पानी की सुविधा पास में होनी चाहिए। यदि छत पर बगीचा बना रहे हैं तो गमलों या ट्रे का इस्तेमाल करें। जमीन में बनाने के लिए 10x10 फीट का एरिया काफी है शुरुआत के लिए।
- मिट्टी की तैयारी करें. चुनी गई जगह पर मिट्टी को 8-10 इंच गहरा खोदें। सख्त मिट्टी को तोड़कर भुरभुरा बनाएं। गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या कोकोपीट मिलाकर मिट्टी को उपजाऊ बनाएं। मिट्टी की जांच कर लें - यह न तो बहुत सख्त हो और न ही बहुत रेतीली। अच्छी मिट्टी में पानी सोखने की क्षमता होती है लेकिन जल भराव नहीं होता।
- सही सब्जियों का चयन करें. शुरुआत में आसान उगने वाली सब्जियां चुनें जैसे पालक, मेथी, धनिया, मूली, टमाटर, मिर्च और भिंडी। मौसम के अनुसार सब्जी चुनें - सर्दी में पत्तेदार सब्जियां और गर्मी में लौकी, तोरई उगाएं। अपने परिवार की जरूरत और पसंद के अनुसार सब्जियों की मात्रा तय करें।
- बीज बोने की तैयारी. क्यारियां बनाकर मिट्टी को समतल करें। बीजों के लिए छोटे गड्ढे बनाएं - छोटे बीजों के लिए आधा इंच गहरा और बड़े बीजों के लिए 1-2 इंच गहरा। बीजों के बीच उचित दूरी रखें ताकि पौधे फैल सकें। पहले पानी छिड़ककर मिट्टी को हल्का नम करें।
- बीज बोएं और रोपाई करें. बीजों को तैयार किए गए गड्ढों में डालें और मिट्टी से हल्का ढक दें। छोटे बीजों पर ज्यादा मिट्टी न डालें। रोपाई के बाद स्प्रे से हल्का पानी छिड़कें। कुछ सब्जियों के लिए पहले नर्सरी में पौधे तैयार करके बाद में रोपाई करना बेहतर होता है।
- पानी की व्यवस्था करें. रोज सुबह या शाम को पानी दें, दोपहर में नहीं। मिट्टी नम रखें लेकिन जल भराव न करें। गर्मी में दिन में दो बार पानी की जरूरत हो सकती है। छोटे पौधों को स्प्रे से पानी दें और बड़े पौधों को जड़ों के पास सीधा पानी डालें।
- नियमित देखभाल और रखरखाव. खरपतवार को नियमित साफ करते रहें क्योंकि वे पोषक तत्व चुरा लेते हैं। 15-20 दिन में जैविक खाद डालते रहें। पौधों को सहारा देने के लिए बांस की छड़ी का इस्तेमाल करें। कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें। पके हुए फलों की नियमित तुड़ाई करते रहें।