घर में ताजे फूलों के लिए कटिंग गार्डन कैसे लगाएं
कटिंग गार्डन के लिए धूप वाली जगह चुनें, मिट्टी तैयार करें, और ज़िनिया, गेंदा, सूरजमुखी जैसे फूल लगाएं जो काटने के बाद दोबारा उगते हैं।
- उपयुक्त स्थान का चयन करें. घर में ऐसी जगह चुनें जहां दिन में कम से कम 6-8 घंटे धूप आती हो। यह जगह पानी के स्रोत के पास होनी चाहिए। 10x10 फीट का क्षेत्र शुरुआत के लिए काफी है। जगह समतल हो और जहां पानी जमा न होता हो।
- मिट्टी की तैयारी करें. चुनी गई जमीन को 1-2 फीट गहराई तक खोदें। मिट्टी में कंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाएं। मिट्टी का pH 6.0-7.0 के बीच होना चाहिए। यदि मिट्टी चिकनी है तो रेत मिलाकर उसमें जल निकासी सुधारें। सभी खरपतवार और पत्थर निकाल दें।
- उपयुक्त फूलों का चुनाव करें. ज़िनिया, गेंदा, कॉसमॉस, सूरजमुखी, गुलाबी डहेलिया, चंद्रमल्लिका चुनें। ये सभी काटने के बाद दोबारा फूल देते हैं। कुछ लंबे फूल (सूरजमुखी, डहेलिया) और कुछ छोटे फूल (गेंदा, ज़िनिया) लगाएं। मौसमी फूलों का भी ध्यान रखें।
- बीज या पौधे लगाएं. फरवरी-मार्च में गर्मी के फूलों के बीज लगाएं। पंक्तियों के बीच 2 फीट की दूरी रखें। बीजों को पैकेट पर दिए गए अनुसार गहराई में बोएं। बड़े फूलों को पीछे और छोटे को आगे लगाएं। बुआई के बाद हल्का पानी डालें।
- सिंचाई व्यवस्था करें. शुरुआत में रोज हल्का पानी दें। पौधे स्थापित होने के बाद 2-3 दिन में एक बार पानी दें। सुबह का समय सिंचाई के लिए सबसे अच्छा है। पत्तियों पर पानी न डालें, जड़ों के पास डालें। बारिश के मौसम में पानी कम करें।
- देखभाल और रखरखाव. 15 दिन में एक बार खाद डालें। खरपतवार नियमित रूप से निकालते रहें। लंबे पौधों को सहारा दें। मुरझाए फूलों को तुरंत काटें ताकि नए फूल आते रहें। कीट-पतंगों पर नज़र रखें और जरूरत पड़ने पर नीम का तेल छिड़कें।
- फूल काटने की सही विधि. सुबह के समय फूल काटें जब वे ताजे हों। तेज कैंची या चाकू का इस्तेमाल करें। तना तिरछा काटें और तुरंत पानी में डाल दें। कली के रूप में या आधे खिले फूल काटें - ये गुलदस्ते में ज्यादा दिन तक रहते हैं।